विधानसभा का मानसून सत्र 20 अगस्त से शुरू :: सत्र से पहले होगी सर्वदलीय बैठक

0
117

मीनेश चन्द्र मीना
हैलो सरकार ब्यूरो प्रमुख

जयपुर। आपको यह जानकर बड़ी खुशी होगी कि राजस्थान विधानसभा के 20 अगस्त से शुरू होगी।  विशेषकर 16वीं विधानसभा के छठे सत्र में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) बिल, खेजड़ी संरक्षण बिल, कॉमर्शियल टैक्सेशन संबंधी संशोधन और सीआरपीसी आदि से जुड़े बिल लाए जाने की पूरी संभावना है। सत्र के नोटिफिकेशन के साथ पहले दिन से ही विधायकों के तारांकित प्रश्न लगना शुरू हो गए हैं।


सर्वदलीय बैठक बुलाएंगे वासुदेव देवनानी

सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार सत्र से एक-दो दिन पहले स्पीकर वासुदेव देवनानी सर्वदलीय बैठक बुलाएंगे। सत्र के दौरान भाजपा और कांग्रेस की ओर से उठाए जाने वाले विषयों और विपक्ष के हमलों पर सरकार और कांग्रेस की ओर से तैयारी की जा रही है। कांग्रेस कई मुद्दों पर सरकार को घेरेगी। छोटा चलने वाला यह सत्र पूरी तरह हंगामेदार रहने के आसार हैं। कांग्रेस और भाजपा विधायकों की ओर से सत्र में उठाए जाने वाले प्रश्नों के लिए अधिकृत रूप से विधानसभा को प्रश्न भेजने होते हैं। यह कार्य नोटिफिकेशन जारी किए जाने के साथ ही शुरू हो जाता है।

शुरू कर दिया विधायकों ने प्रश्न लगाना

सत्र की घोषणा होते ही विधायकों ने इसके साथ ही प्रश्न लगाना शुरू कर दिया है। स्पीकर वासुदेव देवनानी ने बताया कि सत्र बेहतर तरीके से चले, शांतिपूर्ण तरीके से विधायी कार्य संपन्न हो और समन्वय से प्रदेश की जनता के हित के फैसले हों, इसके लिए सर्वदलीय बैठक में सभी दलों के साथ बातचीत कर रणनीति बनाई जाएगी। देवनानी से सत्र की तैयारियों की समीक्षा भी की।



सरकार की पूरी तैयारी

संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि यह सत्र छोटा होगा। सरकार इसमें कुछ बिल लेकर आएगी। इसमें कौन-कौनसे बिल होंगे, क्या क्या विधायी कार्य पूर्ण किए जाएंगे, इस संबंध में विधानसभा की कार्य सलाहकार समिति (बीएसी) की बैठक में तय किया जाएगा।

छात्रों के मुद्दे और प्रसूताओं की मौत पर हंगामेदार होगा सत्र

सत्र के दौरान इस बार छात्रों के आंदोलन और उन पर की जा रही कार्रवाई प्रमुख मुद्दा होगा। इसे लेकर विपक्ष सरकार को घेरने वाला है। इसके अलावा सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा प्रसूताओं की मौत का है। इसके अलावा शिक्षा, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था सहित अन्य तात्कालिक मुद्दे भी प्रमुखता से सदन की चर्चा का हिस्सा रहेंगे। इसमें सरकार की ओर से जवाब पेश किया जाएगा, लेकिन माना जा रहा है कि विपक्ष इस बार सरकार के जवाब का प्रतिकार करेगी। ऐसे में हंगामेदार सत्र रहने वाला है।

हर वर्ग पीड़ित, सदन लंबा चले

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने बताया कि विपक्ष चाहता है कि सदन में सार्थक चर्चा हो। सरकार अधिक से अधिक सदन चलाए, ताकि जनता की समस्याओं का निदान हो सके। युवा, मजदूर, किसान, महिला, व्यापारी, दलित, आदिवासी सभी वर्ग पीड़ित हैं। सरकार के मंत्री जनता के प्रश्नों का उत्तर दें और उनका समाधान कराएं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here