
कजोड़ मल मीना
संपादक हैलो सरकार
पूरा विश्व इस बात को भली-भांति जानता है कि संयुक्त राज्य अमेरिका में दो राजनीतिक दलों ही का बोलबाला है। लेकिन अमेरिकी राजनीति और मीडिया जगत के सबसे रसूखदार और आक्रामक चेहरों में शुमार टकर कार्लसन ने एक ऐसा राजनीतिक बम फोड़ा है, जिससे वॉशिंगटन के सत्ता गलियारों में हड़कंप मच गया है। अमेरिकी दक्षिणपंथी राजनीति की सबसे बुलंद और प्रभावशाली आवाज माने जाने वाले कार्लसन, जो कभी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सबसे प्रबल पैरोकार थे, अब ट्रंप से खुलकर बगावत पर उतर आए हैं। उन्होंने अमेरिका की पारंपरिक दो-दलीय व्यवस्था को चुनौती देते हुए ‘तीसरी राजनीतिक पार्टी’ बनाने का ऐलान कर दिया है।

ट्रंप से आर-पार की जंग के मूड में हैं पत्रकार
आपकों बता दें, कभी ट्रंप की नीतियों के सबसे बड़े रक्षक रहे कार्लसन और ट्रंप के बीच के मतभेद अब चौराहे पर आ चुके हैं। कार्लसन ने अपने पॉडकास्ट पर सीधे हमले करते हुए स्वीकार किया है कि “ट्रंप को लेकर उन्होंने लोगों को गुमराह किया था।” उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का पुरजोर विरोध किया और ट्रंप पर अपने चुनावी वादों से मुकरने का आरोप लगाया।
ट्रंप की तीखी आलोचना कर रहा है पत्रकार
पत्रकार कार्लसन ने ट्रंप द्वारा ‘अल्लाह’ शब्द के इस्तेमाल और सोशल मीडिया पर खुद को ईसा मसीह जैसी छवि में पेश करने की भी तीखी लानत-मलामत की है।
पत्रकार ऐसी लोकप्रियता जिससे ट्रंप को भी छोड़ गया पीछे !
मजे की बात है कि कार्लसन को पत्रकारिता विरासत में मिली है, उनके पिता रिचर्ड वार्नर कार्लसन भी मीडिया जगत से जुड़े रहे थे। साल 2016 से 2023 के बीच फॉक्स न्यूज के शो ‘टकर कार्लसन टुनाइट’ ने लोकप्रियता के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए थे। करीब 30 लाख दर्शकों तक सीधी पहुंच रखने वाले इस शो के दौरान कार्लसन का जादू ऐसा सिर चढ़कर बोल रहा था कि उनके नाम की टी-शर्ट और मग की बिक्री कई बार ट्रंप से जुड़े उत्पादों से भी ज्यादा हो जाती थी। रिपब्लिकन रणनीतिकार जेफ रो के मुताबिक, 2020-21 के दौरान कंजर्वेटिव राजनीति में कार्लसन जैसा रसूख रखने वाला दूसरा कोई शख्स नहीं था।
पत्रकार का विवादों से पुराना नाता, डिज़नी-लेक्सस ने खींचे थे हाथ
आपकों याद होगा इमिग्रेशन (आप्रवासन) विरोध, श्वेत पहचान और प्रखर राष्ट्रवादी मुद्दों पर बेहद आक्रामक रुख रखने वाले कार्लसन का विवादों से चोली-दामन का साथ रहा है। उन्होंने बार-बार यह दावा करके तहलका मचाया कि अमेरिका का अभिजात वर्ग श्वेत ईसाई मतदाताओं की जगह नए प्रवासी मतदाताओं को स्थापित करना चाहता है। इन बयानों के बाद मचे भारी बवाल के कारण डिज़नी और लेक्सस जैसी दिग्गज कंपनियों ने उनके शो से अपने विज्ञापन तक हटा लिए थे।
अब फॉक्स न्यूज से विदाई और नया साम्राज्य
कार्लसन ने साल 2023 में फॉक्स न्यूज से अलग होने के बाद भी नहीं थमे। उन्होंने अपना खुद का स्ट्रीमिंग मंच ‘टकर कार्लसन नेटवर्क’ शुरू किया।
अमरीकियों के सामने बड़ा सवाल : सोचने को मजबूर सब
क्या कार्लसन अमेरिका की उस पारंपरिक ‘टू-पार्टी सिस्टम’ (डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन) के दबदबे को उखाड़ फेंकने में कामयाब हो पाएंगे? वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के प्रयासों पर सवाल उठाने वाले और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी अलग राय रखने वाले 58 वर्षीय टकर कार्लसन ने ‘तीसरी पार्टी’ का पासा फेंककर यह साफ कर दिया है कि वे आने वाले दिनों में अमेरिकी राजनीति की दशा और दिशा बदलने का माद्दा रखते हैं।
भविष्य में अमेरिका की राजनैतिक तस्वीर क्या होगी ? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। बहरहाल, टकर कार्लसन ने ‘तीसरी पार्टी’ का पासा फेंककर यह साफ कर दिया है कि वे आने वाले दिनों में अमेरिकी राजनीति की दशा और दिशा बदलने में ऐड़ी-चोटी का जोर लगा कर विश्व की राजनीति में नयी इबारत लिखने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।