मीनेश चंद्र मीना
हैलो सरकार ब्यूरो प्रमुख
नई दिल्ली। यदि आपने अपने बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र या किसी परिजन का मृत्यु प्रमाण पत्र अब तक नहीं बनवाया है, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार ने जन्म और मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और फर्जीवाड़े से मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। संसद से पारित नए जन्म-मृत्यु पंजीकरण कानून के बाद अब प्रमाण पत्र बनवाने के नियम पहले से अधिक सख्त हो गए हैं।

तो लगाओ कोर्ट के चक्कर
गौरतलब है कि यदि जन्म या मृत्यु होने के दो वर्ष के भीतर पंजीकरण नहीं कराया जाता, तो उसके बाद प्रमाण पत्र बनवाने के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट (Judicial Magistrate First Class) का आदेश प्राप्त करना अनिवार्य होगा। इस कानून का यही सबसे महत्वपूर्ण बदलाव है, यानी समय पर पंजीकरण नहीं कराने पर आम नागरिकों को अतिरिक्त कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है।
फर्जी जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्रों पर लगेगी रोक
आपको बता दें, मामले के विशेषज्ञों का मानना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य फर्जी जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्रों पर रोक लगाना, रिकॉर्ड को अधिक प्रमाणिक बनाना और सरकारी डेटाबेस को सटीक रखना है। नए कानून के लागू होने के बाद अब लापरवाही या अनदेखी नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।

मोबाइल से घर बैठे कर सकते है आवेदन
हालांकि कानून से कुछ परेशानियां हो सकती है तो राहत की बात यह है कि सरकार ने जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया को काफी आसान बना दिया है। अब नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। वे अपने मोबाइल फोन या कंप्यूटर के माध्यम से घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए नागरिकों को सीआरएस (Civil Registration System) पोर्टल पर जाकर पंजीकरण करना होगा। पोर्टल पर अकाउंट बनाने के बाद जन्म अथवा मृत्यु से संबंधित आवश्यक विवरण भरकर दस्तावेज अपलोड किए जा सकते हैं। आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने पर एक रेफरेंस नंबर प्राप्त होगा, जिसके माध्यम से आवेदन की स्थिति देखी जा सकेगी।
कौन-कौन से दस्तावेज होंगे जरूरी?
जन्म प्रमाण पत्र के लिए अस्पताल की जन्म रिपोर्ट, डिस्चार्ज स्लिप, माता-पिता के पहचान पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। आवेदन सत्यापित होने के बाद डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण पत्र ऑनलाइन डाउनलोड किया जा सकेगा।
समय पर पंजीकरण क्यों है जरूरी?
जन्म प्रमाण पत्र आज शिक्षा, सरकारी योजनाओं, पासपोर्ट, आधार कार्ड, बैंकिंग और रोजगार सहित अनेक कार्यों के लिए अनिवार्य दस्तावेज बन चुका है। वहीं मृत्यु प्रमाण पत्र संपत्ति संबंधी मामलों, बीमा दावों, पेंशन और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक होता है। ऐसे में विशेषज्ञ नागरिकों को सलाह दे रहे हैं कि जन्म या मृत्यु की घटना होने के तुरंत बाद उसका पंजीकरण अवश्य कराएं ताकि भविष्य में किसी कानूनी या प्रशासनिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
नए कानून का स्पष्ट संदेश है कि “समय पर पंजीकरण कराएं, कानूनी जटिलताओं से बचें।” इसलिए यदि आपके परिवार में किसी जन्म या मृत्यु का पंजीकरण अभी तक नहीं हुआ है, तो उसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा कर लेना ही समझदारी होगी।
