मीनेष चन्द्र मीना
हैलोसरकार ब्यूरो प्रमुख
जयपुर। जिला उपभोक्ता आयोग, जयपुर-2 आम आदमी के हित में बहुत बड़ा फैसला देकर एक नई इबारत लिख डाली। फैसले के अनुसार बस खराब होने पर महिला की शिकायत पर 61000 का जुर्माना लगाते हुए महिला के पक्ष मे फैसला दिया।

गौर तलब है कि जिला उपभोक्ता आयोग, जयपुर-द्वितीय ने ऑनलाइन टिकट होते हुए भी महिला परीक्षार्थी को बस खराब होने पर वैकल्पिक बस नहीं देने और उसमें सीट देने से मना करने को गंभीर सेवादोष माना है। साथ ही रोडवेज, जयपुर आगार के मुख्य प्रबंधक व रोडवेज चेयरमैन पर 61 हजार रुपए का हर्जाना लगाया है।
वहीं, परिवादीगण को ऑनलाइन टिकट की राशि 574 रुपए वापस देने का निर्देश दिया है। आयोग के अध्यक्ष देवेन्द्र मोहन माथुर, सदस्य अजय कुमार व सुप्रिया अग्रवाल ने यह निर्देश ममता कुमारी सैनी के परिवाद पर दिया।
मजबूरी में परिवादिया ने तत्काल टिकट लिया और ट्रेन से यात्रा कर परीक्षा देने बीकानेर पहुंची
अधिवक्ता गजेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि स्कूल लेक्चरर भर्ती-2018 की 3 जनवरी, 2020 को होने वाली परीक्षा में परिवादिया को बीकानेर में परीक्षा सेंटर आवंटित किया। उसने परीक्षा से एक दिन पहले 2 जनवरी को ही बीकानेर जाने के लिए रोडवेज से खुद व उसके पति का ऑनलाइन टिकट लिया। उसे सीट 45 व 46 आवंटित की। उनकी बस सुबह 11:40 बजे की थी, जो शाम 6:50 बजे बीकानेर पहुंचनी थी। वह पति के साथ सुबह 11 बजे सिंधीकैंप बस स्टैंड पहुंच गई।
लेकिन बस में चढ़ी तो पता चला कि उसमें 40 सीट हैं, जबकि उनका नंबर 45-46 था। टिकट विंडो पर इंचार्ज ने मौजूदा व अगली बस में सीट देने से मना कर उसे टिकट कैंसिल कराने के लिए कहा। लेकिन ऑनलाइन टिकट होते हुए भी रोडवेज ने न तो सीट दी और ना वैकल्पिक बस मुहैया कराई। मजबूरी में परिवादिया ने रेलवे तत्काल सेवा में टिकट लिया और उसे ट्रेन से यात्रा करनी पड़ी। ट्रेन बीकानेर देर रात पहुंची और उसके पति को सर्दी लग गई व ऑटो का किराया दुगना देना पड़ा। इसे उपभोक्ता आयोग में चुनौती देते हुए रोडवेज से हर्जा-खर्चा दिलवाए जाने का आग्रह किया।
जवाब में रोडवेज ने कहा कि बीकानेर की बस 50 सीट की थी, लेकिन उसमें तकनीकी खराबी के कारण 40 सीट की बस भेजी। इसमें उनका सेवादोष नहीं है। आयोग ने दोनों पक्षों को सुनकर रोडवेज प्रबंधन का सेवादोष करार देते हुए 61 हजार रुपए का हर्जाना लगाया।
