मीनेश चन्द्र मीना
हैलो सरकार ब्यूरो प्रमुख
जयपुर। राजस्थान के किसान का बेटा आरएएस परीक्षा में टॉपर आकर न केवल अपना और अपने मां-बाप का नाम रोशन किया बल्कि यह भी साबित कर दिया कि टॉपर बनने के लिए कोई अच्छे-खासे घर में जन्म लेना जरूरी नहीं है। पहला अवसर में सफल नहीं हुआ तो तनाव में आ गया। हिम्मत नहीं हारी। आरएएस परीक्षा की तैयारी बिना कोचिंग के शुरू की और दूसरी प्रयास में पूरी प्रदेश में टॉपर आकर सफलता अर्जित की।

पहले अटेंप्ट में सफलता प्राप्त नहीं हुई तो स्ट्रेस में आ गया — टॉपर कुशल चौधरी
आरएएस परीक्षा में टॉपर मैं टॉपर आने वाले 27 वर्षीय कुशल चौधरी का कहना है कि —” 2021 में पहले अटेंप्ट में सफलता प्राप्त नहीं हुई। इसके कारण स्ट्रेस में आ गया था और उम्मीद तक छोड़ दी थी। परिवार के सपोर्ट के बाद फिर शुरुआत की।” हालांकि पहले प्रयास में कुशल चौधरी की रैंक 1038 वीं आई थी, लेकिन उससे संतुष्ट नहीं था। हार नहीं मानी और दूसरे प्रयास में सफलता हासिल कर अपना सपना पूरा किया। मेहनत और लगन का फल हर हाल में मिलता है।
अजमेर जिले के डूंगरिया कलां गांव के रहने वाले हैं कुशल चौधरी —
आपको बता दें, कुशल चौधरी अजमेर जिले के डूंगरिया कलां गांव के रहने वाले हैं। कुशल बताते हैं कि उनके पिता प्रभुराम चौधरी (60) एक किसान हैं और उन्होंने बचपन से ही उन्हें पूरा सहयोग दिया। जब वे छोटे थे और स्कूल में ठीक से पढ़ाई नहीं हो पाती थी, तो उनके पिता ही उन्हें पढ़ाया करते थे। उन्होंने कक्षा 10 तक की पढ़ाई गांव के स्कूल से की है। 12वीं तक की पढ़ाई कुचामन के नोबल स्कूल से की। ग्रेजुएशन महाराजा कॉलेज जयपुर से किया। उसके बाद में सरकारी नौकरी लगी और 2018 से वे लैब असिस्टेंट के पद पर कार्यरत हैं। कुशल चौधरी के 5 बहनें और माता-पिता है।
फिजिक्स टीचर ने किया था मोटिवेट —
RAS परीक्षा में टॉप करने वाले कुशल चौधरी का सफर आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि लैब असिस्टेंट की जॉब लगने के बाद उन्होंने RAS की पढ़ाई शुरू कर दी थी। यहां उनकी पहली पोस्टिंग हुई। वहां के फिजिक्स टीचर खुद RAS की तैयारी कर रहे थे। कुशल का कहना है कि टीचर ने मुझे मोटिवेट किया और अपने नोट्स भी मुझे दिए। इसके बाद मैंने बिना कोचिंग के RAS की तैयारी शुरू कर दी। 2021 में मुझे सफलता नहीं मिली, जिसके कारण मैं स्ट्रेस में आ गया था और उम्मीद तक छोड़ दी थी। परिवार के सपोर्ट के बाद मैंने वापस शुरुआत की और इसके बाद RAS 2023 में सफलता प्राप्त की। कुशल चौधरी का कहना है कि मेहनत और लगन का फल अवश्य मिलता है।

लगातार असफलता के बाद भी नहीं मानी हार —
RAS परीक्षा में टॉप करने वाले कुशल चौधरी ने बताया कि उन्होंने लगातार 3 बार आरपीएससी में इंटरव्यू दिए थे – ACF, SI और RAS का इंटरव्यू। 2021 में जब पहली बार सफलता हाथ नहीं लगी तो उनके दिमाग में यही आया कि वे नहीं कर पाएंगे। फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और अपने दोस्त और परिवार के सपोर्ट से वापस कॉन्फिडेंस हासिल किया। दूसरे प्रयास में यह सफलता प्राप्त की। कुशल ने बताया कि उन्हें RAS क्लियर करने में करीब 7 साल लग चुके थे और उन पर सोसाइटी और फैमिली का काफी प्रेशर था। लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयास करते रहे।
बहनों के साथ शादी का दबाव बनाया —
RAS परीक्षा में टॉप करने वाले कुशल ने बताया कि उनके परिवार में पांच बहनें हैं। परिवार चाहता था कि उनके साथ ही मेरे भी शादी हो जाए। ऐसे में मैंने परिवार से एक बार और समय मांगा। कुशल ने बताया कि उनके परिवार ने उन्हें हमेशा सपोर्ट किया है। पांच बहनों में एक भाई हैं। एक बहन अजमेर पुलिस में कॉन्स्टेबल है। दूसरी टीचर है। दो बड़ी बहनें और एक छोटी सिस्टर भी कॉम्पिटीशन की तैयारी कर रही हैं।
कुशल जब इंटरव्यू देकर आए तब उन्होंने RPSC के बाहर ये तस्वीर ली थी।

दोस्त को रोल नंबर देकर रिजल्ट चेक करवाया —
कुशल ने बताया कि रिजल्ट जब आया तब मैं बाहर घूम रहा था। ग्रुप में चल रहा था आज रिजल्ट आएगा। पहली बार जब 2021 में रिजल्ट आया तो मेरे द्वारा चेक किया गया था तब सफलता हाथ नहीं लगी थी। इसी कारण इस बार दोस्त को अपना रोल नंबर देकर रिजल्ट चेक करने के लिए कहा था। कुशल ने बताया कि जब भी मैंने अपना रिजल्ट खुद देखा तब सिलेक्शन नहीं हुआ। इस बार दोस्त पर भरोसा किया था। दोस्त ने फोन कर बताया कि मेरी फर्स्ट रैंक आई है। इसके बाद भी विश्वास नहीं हुआ था। घर जाकर फाइल से एडमिट कार्ड निकाल कर रोल नंबर से चेक किया तब जाकर विश्वास हुआ था।
बहन के ससुराल में रहकर की पढ़ाई —
कुशल ने बताया कि कॉन्स्टेबल बहन के ससुराल में रहकर RAS की पढ़ाई की थी। इस पूरे कामयाबी का श्रेय परिवार और बहन-जीजा के साथ अन्य लोगों को रहेगा। कुशल ने बताया कि जिस भी डिपार्टमेंट में जाने का मौका मिलेगा, वहां अपने विश्वास और लगन के साथ ड्यूटी करेंगे।