कलेक्टर आई लपेटे में, आदेश नहीं मानने पर हो सकती है कार्यवाही

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मीनेश चन्द्र मीना
हैलो सरकार ब्यूरो प्रमुख

कोटपूतली। अक्सर यह देखने में आता है कि अफसर न्यायालय के आदेशों की  पालना नहीं करते हैं, जिसकी वजह से न्यायालय की गरिमा को बेजा ठेस पहुंचती है। शायद अफसर इस बात को भूल जाते है कि यदि जनता जागरूक होकर केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम, 1965-नियम 14 एवं केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1964 के नियम 3(1)(i)(ii), (iii) के तहत कार्रवाई की मांग उठाले तो किसी भी कीमत पर अफसर अपनी नौकरी को नहीं बचा सकता है।



न्यायालय के आदेश की पालना नहीं होने पर राधेश्याम शुक्लावास ने की गहलोत से मुलाकात >>>

शनिवार को जोधपुरा संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिला और कोटपुतली स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट से हो रहे प्रदूषण एवं कंपनी की मनमानी से क्षेत्र के आमजन के जीवन पर पड़ रहे दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से अवगत कराया।

गौरतलब है कि सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शुक्लावास ने श्री गहलोत को बताया कि अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट के खिलाफ राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) द्वारा दिनांक 3 नवंबर 2025 को निर्णय पारित कर महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं। आदेश में कहा गया है कि मंदिर, स्कूल, आबादी और बसावटों से 500 मीटर की परिधि में ब्लास्टिंग नहीं की जाएगी। साथ ही रात्रिकाल में आमजन एवं पशुधन की नींद में बाधा न हो, इसके लिए ध्वनि प्रदूषण तथा तेज लाइटिंग पर भी प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त प्रभावित ग्रामीणों के पुनर्वास के लिए कमेटी गठित करने, ग्रामीणों के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु प्रत्येक माह दो बार मेडिकल कैंप लगाने सहित अन्य आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इन आदेशों की पालना की जिम्मेदारी जिला कलेक्टर कोटपुतली-बहरोड़ को दी गई है।  आदेश में पालन के लिए  3 माह का समय दिया गया था l जबकि 4 माह से अधिक का समय होने पर भी पालन नहीं की गई हैl

कोटपूतली बहरोड जिला कलेक्टर प्रियंका गोस्वामी



NGT के आदेशों की पालना नहीं कर रहा है जिला कलेक्टर — राधेश्याम शुक्लावास >>>

सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शुक्लावास के नेतृत्व में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात कर प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि NGT के स्पष्ट आदेशों के बावजूद अब तक इनकी पूर्ण पालना नहीं हो रही है, जिससे क्षेत्र के ग्रामीण परेशान हैं। जबकि NGT के आदेश में केंद्र सरकार और राज्य सरकार भी पक्षकार है उसके बावजूद भी डबल इंजन की सरकार ने न्यायालय के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। प्रेस विज्ञप्ति जारी कर राधेश्याम शुक्लावास ने कहा कि इसी संदर्भ में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी समस्याओं और पीड़ा से अवगत कराया। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और NGT के आदेशों की पालना सुनिश्चित कराने में पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया।



प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात कराने में हेमंत यादव का विशेष योगदान >>>

प्रेस विज्ञप्ति में सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शुक्लावास ने बताया कि अखिल भारतीय ओबीसी बहुजन महासंघ के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष हेमंत यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात को कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसकी वजह से संघर्ष समिति की समस्याओं को श्री गहलोत के समक्ष रखा।



जब महिलाएं किसी संघर्ष में साथ खड़ी होती हैं तो जीत निश्चित  — अशोक गहलोत >>>

इस अवसर पर श्री गहलोत ने कहा कि जब महिलाएं किसी संघर्ष में साथ खड़ी होती हैं तो उस संघर्ष की जीत निश्चित हो जाती है। संघर्ष समिति के सचिव कैलाश यादव, उपाध्यक्ष सतपाल यादव, शीला देवी योगी एवं रीता देवी योगी भी प्रतिनिधिमंडल के साथ उपस्थित रहे।

कलेक्टर को नौकरी से धोना पड़ सकता है साथ >>>

आपको बता दें, न्यायालय के आदेश की पालना नहीं करने पर जिला कलेक्टर कोटपुतली के खिलाफ केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम, 1965-नियम 14 एवं केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1964 के नियम 3(1)(i)(ii), (iii) के तहत कार्रवाई होने पर जिला कलेक्टर को नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है। इस बात की पुष्टि भारत का सर्वोच्च न्यायालय ने के. के. धवन के मामले में बहुत पहले ही कर चुका है।

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