मीनेश चन्द्र मीना
हैलो सरकार ब्यूरो प्रमुख
जोधपुर।
राजस्थान की सियासत में संजीवनी क्रेडिट कोऑपरेटिव घोटाले को लेकर फिर से विवाद छिड़ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को जोधपुर में मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर निशाना साधा।

मेरा उद्देश्य पीड़ितों को न्याय दिलाना >>>
गहलोत ने कहा कि शेखावत को संजीवनी घोटाले के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए मानहानि का केस वापस लेना चाहिए और बातचीत के लिए आगे आना चाहिए। अशोक गहलोत ने कहा कि शेखावत दो-तीन बार सांसद रह चुके हैं और अब केंद्रीय मंत्री हैं। उन्हें संजीवनी घोटाले पर बातचीत के लिए तैयार होना चाहिए। अगर वे निर्दोष हैं, तो मुझे खुशी होगी। मेरा उद्देश्य पीड़ितों को न्याय दिलाना है। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री रहते उनके पास आए दस्तावेजों में शेखावत के परिवार के सदस्यों का नाम था, जिसके आधार पर शेखावत ने दिल्ली में मानहानि का केस दायर किया।
हमारा कोई एम नहीं है किसी को टारगेट बनाने का >>>
गहलोत ने बताया कि अब तक 15 पेशी हो चुकी हैं, लेकिन शेखावत को केस वापस लेकर पीड़ितों के लिए काम करना चाहिए। गहलोत ने कहा कि हमारा कोई एम नहीं है किसी को टारगेट बनाने का, हम चाहते हैं उनकी जो समस्या हैं वो कैसे हल हो इसलिए हम चाहेंगे कि गजेंद्र सिंह शेखावत जी खुद बात करें आपस में बात करें और एक कमेटी जो काम कर रही है संघर्ष समिति उसको बुला लें और जो पीड़ित लोग हैं उनमें पांच दस लोगों को बुलाएं बैठ कर बातचीत करें कि भई इनकी समस्या क्या हैं इनके आरोप ये हैं।
बताते चलें कि संजीवनी क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी घोटाला 950 करोड़ रुपये से अधिक का है, जो राजस्थान और गुजरात सहित कई राज्यों में फैला। 2008 में बाड़मेर से शुरू हुई इस सोसाइटी ने 237 शाखाएं खोलीं और हाई रिटर्न, विदेश यात्रा जैसे प्रलोभनों से करीब डेढ़ लाख लोगों को लुभाया। निवेशकों को एजेंट बनाकर कमीशन दिया गया, जिससे चैन सिस्टम बना और लोग फंसते गए।
