न्यायालय आदेश की धज्जियां उडा रही है जिला कलेक्टर, समिति फौजदारी कार्यवाही के लिए जा सकती हैं कोर्ट

0
29


हैलो सरकार न्यूज नेटवर्क

कोटपुतली। जिला कलेक्टर कोटपूतली -बहरोड की हठधर्मिता इस कदर हावी हो गई कि आम आदमी की समस्याओं का समाधान करना तो दूर न्यायालय के आदेश की पालना के बजाय उनकी बेजा धज्जियां उड़ाई जा रही है।


अनिश्चितकालीन धरना 1286 वे  दिन भी जारी —

जोधपुरा संघर्ष समिति ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि समिति का अनिश्चितकालीन धरना 1286 वे  दिन भी जारी रहा।  विज्ञप्ति के अनुसार जोधपुरा संघर्ष समिति न्यायालय (राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण) NGT भोपाल द्वारा दिए गए आदेश की अक्षरश: पालना करवाई जाने व गांव की आबादी से गुजरने वाले ओवर लोड ट्रकों को पूर्णतः बंद करवाई जाने को लेकर जिला कलेक्टर महोदया, पुलिस अधीक्षक महोदय, एसडीम महोदय को ज्ञापन दिया।

अनेक बार प्रशासन को कराया अवगत —

समिति के सचिव कैलाश यादव, उपाध्यक्ष सतपाल यादव ने कहा कि अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट के  ओवरलोड वाहनों द्वारा जोधपुरा( मोहनपुरा) के ग्रामीणों को हो रही परेशानी एवं NGT आदेशों की पालना के लिए ज्ञापन सौंपकर बताया कि अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट के विरुद्ध जोधपुरा संघर्ष समिति का धरना पिछले 1286 दिनों से लगातार जारी है। अधिकार प्लांट के निकट आबादी क्षेत्र में संचालित क्रेशर एवं खनन क्षेत्र में होने वाली ब्लास्टिंग के कारण स्थानीय ग्रामीणों का जीवन अत्यंत प्रभावित हो रहा है। इस संबंध में ग्रामीणों द्वारा अनेक बार प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है।

हाई-मास्ट लाइटों का अत्यधिक उपयोग —

मजे की बात यह है कि इस मामले में माननीय राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) द्वारा भी ग्रामीणों के पक्ष में आदेश पारित किए जा चुके हैं, किन्तु उनका प्रभावी पालना नहीं हो रहा है। वर्तमान में प्लांट परिसर एवं खनन क्षेत्र तथा क्रेशर क्षेत्र में रात्रिकाल में हाई-मास्ट लाइटों के अत्यधिक उपयोग से आसपास के निवासियों की नींद प्रभावित हो रही है। साथ ही धूल एवं प्रदूषण के कारण बच्चों, बुजुर्गों तथा अन्य ग्रामीणों में एलर्जी, दमा एवं श्वास संबंधी बीमारियों की शिकायतें बढ़ रही हैं। NGT कोर्ट ने आबादी, स्कूल व मंदिर से 500 मीटर की दूरी छोड़कर ब्लास्टिंग किए जाने के आदेश दिए हैं। फिर भी अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट द्वारा 250 से 300 मीटर की दूरी पर ब्लास्टिंग की जा रही है।

अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण से पढ़ाई होती है बाधित —

इसके अतिरिक्त, अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट से संबंधित ओवरलोड ट्रक एवं भारी वाहन रात्रि-दिवस ग्रामीण सड़क से गुजरते हैं, जिससे अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण उत्पन्न होता है। यह सड़क मूल रूप से ग्रामीण उपयोग हेतु निर्मित है तथा इसके आसपास आबादी, विद्यालय एवं खेल मैदान स्थित हैं। भारी वाहनों के आवागमन से दुर्घटना का गंभीर खतरा बना रहता है तथा ग्रामीणों में भय एवं असुरक्षा का वातावरण है।

समिति के वरिष्ठ सदस्य राधेश्याम शुक्लावास ने हैलो सरकार को बताया कि अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट एवं क्रेशर से संबंधित ओवरलोड वाहनों की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्यवाही की करने के साथ-साथ आबादी क्षेत्र, विद्यालय एवं खेल मैदान के निकट से भारी वाहनों के आवागमन पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया जाए ताकि आवागमन बाधित नहीं हो। इसके अलावा माननीय NGT के आदेशों की प्रभावी पालना तुरन्त करवाई जाए।

उन्होंने बताया कि रात्रिकालीन ध्वनि एवं प्रकाश प्रदूषण पर नियंत्रण हेतु संबंधित विभागों को निर्देशित किया जाना भी आवश्यक है। उनकी यह मांग काबिले गौर है कि ग्रामीणों के जीवन, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा की रक्षा हेतु आवश्यक प्रशासनिक कदम उठाए जाएं।

यदि शीघ्र उचित कार्यवाही नहीं की जाती है तो ग्रामीणजन लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन अब सड़क पर बैठकर  करने के लिए बाध्य होंगे। हम आबादी व स्कूल के बीचोबीच भारी वाहनों को नही चलने देंगे।

जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ होगी फौजदारी कार्यवाही —

उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में कानून-व्यवस्था कायम जिससे किसी भी अप्रिय घटना घटित होने की जिम्मेदारी प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों की होना आवश्यक है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को चेताया कि आदेश की पालना नहीं होती है तो जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ फौजदारी कार्यवाही करने के लिए सक्षम न्यायालय में फौजदारी कार्यवाही करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

इस अवसर पर कृष्ण रावत, भूप सिंह धानका, ग्यारसी लाल, सहित जोधपुरा संघर्ष समिति लोग साथ रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here