अयोग्य घोषित होने के बाद भी वकालत करने का मामला :: कोर्ट ने बीसीआर को अधिवक्ता के खिलाफ कार्रवाई करने के दिए आदेश

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मीनेश चन्द्र मीना
हैलो सरकार ब्यूरो प्रमुख


जयपुर। ऑल इंडिया बार परीक्षा पास नहीं करने के बाद भी वकालत का प्रोफेशन करने से जुड़े मामले में जयपुर जिले की एससी-एसटी मामलों की स्पेशल कोर्ट में जज विद्यानंद शुक्ला ने बार कौंसिल ऑफ राजस्थान के चेयरमैन को अधिवक्ता के खिलाफ सम्यक कार्रवाई किए जाने के आदेश दिए हैं। इस संबंध में मामले में आरोपी पंकज स्वामी और अजीत स्वामी ने अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था।


क्या है मामला >>>


एडवोकेट देवराज सिंह, मिनार्क जैन एवं टीसी स्वामी ने पंकज एवं अजीत की ओर से पैरवी करते हुए अदालत को बताया कि ऑल इंडिया बार परीक्षा पास नहीं करने पर अधिवक्ता टीनू यादव सहित अन्य अधिवक्ताओं के प्रोफेशन पर बार कौंसिल ऑफ राजस्थान ने 03 मार्च, 2025 को रोक लगा दी थी। इस तरह अयोग्य घोषित होने के बाद भी अधिवक्ता टीनू वकालत का प्रोफेशन कर रही हैं। अधिवक्ता देवराज सिंह, मिनार्क जैन और टीसी स्वामी ने अदालत को यह भी बताया कि बीसीआर के वर्जित करने के बाद भी उपरोक्त मामले में एडवोकेट टीनू यादव ने 8 मार्च, 2024 को एक आरोपी उत्तम यादव की ओर से अदालत के समक्ष वकालतनामा पेश किया गया था। साथ ही 7 जून को चालान की प्रति प्राप्त की गई एवं 24 जून को जमानत अर्जी में उपस्थिति दी गई है। प्रेक्टिस से वर्जित होने के बाद भी न्यायालय में निरंतर उपस्थित होकर पैरवी की जा रही है, ऐसे में कार्यवाही करने के आदेश दिए जाए। बाद सुनवाई अदालत ने विशिष्ट लोक अभियोजक को वजह सबूत को अदालत में पेश करने के निर्देश दे दिए।

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