रवि प्रकाश जूनवाल
हैलो सरकार ब्यूरो प्रमुख
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली स्थित बाबा खड़क सिंह मार्ग पर सांसदों के लिए नवनिर्मित 184 टाइप-VII बहुमंजिला फ्लैटों का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल ही में उन्होंने कर्तव्य पथ पर कर्तव्य भवन के नाम से प्रसिद्ध कॉमन सेंट्रल सेक्रेटरिएट का उद्घाटन किया था और आज उन्हें सांसदों के लिए नवनिर्मित आवासीय परिसर का उद्घाटन करने का अवसर मिला।
निर्माण में शामिल इंजीनियरों व श्रमजीवियों की भी सराहना >>>>
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की चार महान नदियों के नाम पर रखे गए परिसर के चार टावरों- कृष्णा, गोदावरी, कोसी और हुगली का उल्लेख करते हुए कहा कि लाखों लोगों को जीवन देने वाली ये नदियां अब जन-प्रतिनिधियों के जीवन में आनंद की एक नई धारा प्रवाहित करेंगी। उन्होंने कहा कि नदियों पर नामकरण की परंपरा देश को एकता के सूत्र में बांधती है। श्री मोदी ने कहा कि यह नया परिसर दिल्ली में सांसदों के जीवन को और आसान बनाएगा। उन्होंने कहा कि अब दिल्ली में सांसदों के लिए सरकारी आवास की उपलब्धता बढ़ेगी। प्रधानमंत्री ने सभी संसद सदस्यों को बधाई दी और फ्लैटों के निर्माण में शामिल इंजीनियरों व श्रमजीवियों की भी सराहना की तथा परियोजना को पूरा करने में उनके समर्पण एवं कड़ी मेहनत की सराहना की।
प्रत्येक आवासीय इकाई में लगभग 5,000 वर्ग फुट का >>>
उन्होंने बताया कि इन बहुमंजिला इमारतों में 180 से ज़्यादा सांसद एक साथ रह सकेंगे। प्रत्येक आवासीय इकाई में लगभग 5,000 वर्ग फुट का कार्पेट एरिया है, जो आवासीय और आधिकारिक दोनों कार्यों के लिए पर्याप्त जगह प्रदान करता है। कार्यालयों, कर्मचारियों के आवास और एक सामुदायिक केंद्र के लिए समर्पित क्षेत्रों को शामिल करने से संसद सदस्यों को जन-प्रतिनिधि के रूप में अपनी ज़िम्मेदारियों को पूरा करने में मदद मिलेगी। यह परिसर संसद सदस्यों की कार्यात्मक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। हरित प्रौद्योगिकी को शामिल करते हुए यह परियोजना जीआरआईएचए 3-स्टार रेटिंग के मानकों और राष्ट्रीय भवन संहिता (एनबीसी) 2016 का अनुपालन करती है। पर्यावरण के लिहाज से तैयार की गई इन खास विशेषताओं से ऊर्जा संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन और प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन में योगदान मिलेगा। उन्नत निर्माण तकनीक खासकर, एल्यूमीनियम शटरिंग के साथ मोनोलिथिक कंक्रीट के इस्तेमाल की मदद से, संरचनात्मक टिकाऊ व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए इस परियोजना को समय पर पूरा करने में मदद मिली। यह परिसर दिव्यांगजनों के अनुकूल भी है, जो समावेशी डिज़ाइन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
1,500 करोड़ रुपए किराए के रूप में हो रहे थे खर्च >>>
उन्होंने नई आवास पहल के महत्वपूर्ण आर्थिक पक्ष को भी रेखांकित किया। कर्तव्य भवन के उद्घाटन को याद करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि कई मंत्रालय किराए के भवनों में चल रहे थे, जिससे वार्षिक लगभग 1,500 करोड़ रुपए किराए के रूप में खर्च हो रहे थे और यह, देश के पैसों की सीधी बर्बादी थी। उन्होंने यह भी कहा कि सांसदों के लिए पर्याप्त आवास की कमी के कारण भी सरकारी खर्च बढ़ता था। श्री मोदी ने बताया कि सांसदों के लिए आवास की कमी के बावजूद, 2004 से 2014 के बीच लोकसभा सांसदों के लिए एक भी नई आवास इकाई का निर्माण नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद, सरकार ने इस कार्य को एक अभियान की तरह लिया और नए उद्घाटन किए गए इन फ्लैटों को मिलाकर, 2014 से लगभग 350 सांसद आवास बनाए गए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन आवासों के पूरा होने से अब जनता का पैसा भी बच रहा है।
‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना का प्रतीक >>>
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर सांसदों से आग्रह करते हुए कहा कि देश के विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों के सांसद अब एक साथ रहेंगे और उनकी उपस्थिति ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना का प्रतीक होनी चाहिए। श्री मोदी ने परिसर की सांस्कृतिक जीवंतता को बढ़ाने के लिए परिसर में क्षेत्रीय त्योहारों के सामूहिक आयोजन को प्रोत्साहित किया। उन्होंने इन आयोजनों में भाग लेने के लिए अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों को आमंत्रित करने और अधिक जनभागीदारी को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। प्रधानमंत्री ने सांसदों से एक-दूसरे की क्षेत्रीय भाषाओं के शब्द सीखने और सिखाने का आग्रह किया जिससे भाषाई सद्भाव को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि स्थिरता और स्वच्छता परिसर की खास विशेषताएं होनी चाहिए और यह प्रतिबद्धता सभी को निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि न केवल आवासों को, बल्कि पूरे परिसर को साफ व स्वच्छ बनाए रखा जाना चाहिए। इस कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला, केंद्रीय मंत्रीगण और संसद सदस्य तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
