मीनेश चंद्र मीना
हैलो सरकार ब्यूरो प्रमुख
जोधपुर। रेतीले धोरों की धरती जोधपुर में आज लोकतंत्र का एक ऐसा अनूठा और प्रेरणादायी चेहरा देखने को मिला, जिसने चुनावी सरगर्मी के बीच आपसी भाईचारे और एकजुटता की मिसाल कायम कर दी है। जिले की 17 पंचायत समितियों की 441 ग्राम पंचायतों में सुबह 7 बजे से जारी मतदान के बीच, ग्रामीण राजनीति की तमाम पारंपरिक परिभाषाएं बदलते नजर आ रही हैं। एक तरफ जहां सुबह 10:00 बजे तक 23.54% मतदान दर्ज किया गया, वहीं दूसरी ओर कई गांवों में आम सहमति और सामाजिक सौहार्द की ऐसी बहार आई जिसने चुनावों की कड़वाहट को कोसों दूर कर दिया।

डिगाड़ी का अनूठा फैसला : 21 मौजिज लोगों ने संभाली कमान
तिंवरी पंचायत समिति की डिगाड़ी ग्राम पंचायत में चुनाव का एक बेहद अनूठा और दिलचस्प नजारा देखने को मिला। यहां चुनावी खींचतान से बचने के लिए ग्रामीणों ने तय किया कि गांव में आम चुनाव के बजाय आपसी सहमति से ही सरपंच का चयन किया जाएगा।
नामांकन और मंथन : सरपंच पद के लिए गीता देवी (पत्नी पोकरराम मेघवाल) और कौशल्या (पत्नी मनोज कुमार मेघवाल) मैदान में थीं।
समझाइश का दौर : चुनाव की रंजिश या तनाव से बचने के लिए गांव के 21 मौजिज (सम्मानित) लोगों ने मोर्चा संभाला। गुरुवार दोपहर से शुरू हुआ बैठकों और समझाइश का दौर आखिरकार गुरुवार शाम 5 बजे रंग लाया।
सहमति की जीत : लंबी बातचीत के बाद कौशल्या के परिजन गीता देवी के समर्थन के लिए राजी हो गए। इसके बाद यह ऐतिहासिक फैसला लिया गया कि गांव में चुनाव की औपचारिकता के तहत केवल यही 21 मौजिज लोग ही मतदान करेंगे और सर्वसम्मति से गीता देवी पोकरराम को सरपंच चुना जाएगा।
तिंवरी और केरू में खिले निर्विरोध कमल, बनी एकता की अनूठी मिसाल
जोधपुर जिले में चुनावी समर के बीच कुछ पंचायतों ने बिना किसी मतदान के ही आपसी सद्भाव का संदेश दिया है।
चौधरी चरणसिंह नगर (तिंवरी) : पंचायत समिति तिंवरी की इस नई ग्राम पंचायत में पहले ही चुनाव में इतिहास रच दिया गया। यहां सरपंच सहित सभी वार्ड पंच निर्विरोध चुने गए। लंबी बैठकों के बाद ग्रामीणों ने आपसी सहमति से पप्पू देवी को सरपंच पद की जिम्मेदारी सौंपी।
निर्विरोध वार्ड पंच : इस ग्राम पंचायत से मांगीलाल भाखर, कुम्भाराम जाखड़, साग सिंह, मीमो देवी, बाबू राम खोत, नोजी देवी और चम्पा राम को भी वार्ड पंच के रूप में निर्विरोध चुना गया। ग्रामीण अमेश चौधरी के अनुसार, यह अभूतपूर्व एकजुटता पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
केरू चावण्डा ग्राम पंचायत : ठीक इसी प्रकार, केरू पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाली चावण्डा ग्राम पंचायत में किशन सिंह राजपुरोहित को सर्वसम्मति से निर्विरोध सरपंच घोषित किया गया।
17 पंचायत समितियों में लोकतंत्र का महापर्व जारी
जिलेभर में आज सुबह 7 बजे से सुचारू रूप से मतदान प्रक्रिया चल रही है, जो शाम 6 बजे तक संपन्न होगी। मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद मतगणना (काउंटिंग) शुरू होगी और आज ही परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।
शामिल पंचायत समितियां :
आसोप, बावड़ी, भोपालगढ़, बिलाड़ा, धवा, हतुंडी, झंवर, कापरड़ा, केरू, लूणी, मंडोर, ओसियां, पीपाड़ सिटी, सालवा खुर्द, सामराऊ, तिंवरी और उम्मेदनगर। सुबह 10 बजे तक कुल 23.54% मतदान दर्ज किया जा चुका है, और मतदाताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
निष्कर्ष : डिगाड़ी, चौधरी चरणसिंह नगर और चावण्डा जैसी पंचायतों के इन फैसलों ने यह साबित कर दिया है कि यदि नीयत साफ हो और समाजहित सर्वोपरि हो, तो लोकतंत्र के इस उत्सव को आपसी रंजिश के बजाय प्रेम, भाईचारे और विकास का जरिया बनाया जा सकता है।

