जेडीए में काम होगा हाथों-हाथ – सिद्धार्थ महाजन

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मीनेश चन्द्र मीना
हैलो सरकार ब्यूरो प्रमुख

जयपुर। जयपुर विकास प्राधिकरण ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशानुसार सुशासन एवं ई-गवर्नेंस को सुदृढ़ करते हुए आरक्षण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को एंड-टू-एंड ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है। आयुक्त श्री सिद्धार्थ महाजन के निर्देशानुसार विकसित की जा रही इस डिजिटल प्रणाली के तहत दस्तावेज़ अपलोड, ऑनलाइन परीक्षण, अनुमोदन एवं निर्गमन तक की संपूर्ण कार्यवाही पोर्टल आधारित होगी।



सुशासन की दिशा में जयपुर विकास प्राधिकरण का बड़ा कदम >>>

नागरिकों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे इसके लिए जेडीए ने नई व्यवस्था के माध्यम से आवेदक घर बैठे अपने प्रकरण की अद्यतन स्थिति, आवश्यक टिप्पणियाँ एवं संबंधित अभिलेख देख सकेंगे। इससे न केवल पारदर्शिता सुनिश्चित होगी, बल्कि प्रक्रिया में लगने वाला समय भी घटेगा ।

जेडीए में आरक्षण पत्र जारी करने की प्रक्रिया होगी ऑनलाइन >>>

जयपुर विकास प्राधिकरण की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से आयुक्त श्री महाजन ने गुरुवार को आयोजित संवाद कार्यक्रम में विभिन्न हितधारकों से विस्तृत चर्चा की। बैठक में शहरी नियोजन, प्रक्रियागत सरलीकरण, जनसुविधाओं के विस्तार तथा जयपुर के समग्र विकास से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया साथ ही कार्यक्रम में पधारे आमजन के लम्बित प्रकरणों का भी हाथों हाथ अवोलकन कर संबंधित उपायुक्त को समयबद्ध तरीके से निस्तारण के निर्देश दिए । इस दौरान जेडीए आयुक्त ने जनसुनवाई प्रकरणों की समीक्षा भी की साथ ही अधिकारियों को सुझावों का परीक्षण करवा कर प्राथमिकता के साथ लागू करने के निर्देश दिये। संवाद कार्यक्रम में पधारे हितधारकों ने जेडीए की इस पहल पर संतोष जताया है।

आयुक्त श्री महाजन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऑनलाइन प्रणाली लागू करने के साथ तीन वर्ष से अधिक पुराने लंबित प्रकरणों एवं लिगेसी डेटा का परीक्षण कर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करें। इससे अभिलेखों का सुव्यवस्थित संधारण, लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण तथा प्रशासनिक पारदर्शिता को बल मिलेगा।



पुराने हस्तलिखित एवं मुद्रित अभिलेखों का डेटा एंट्री >>>

गौरतलब है कि जेडीए द्वारा विभिन्न योजनाओं में अधिग्रहित भूमि के बदले पूर्व में जारी मैनुअल आरक्षण पत्रों का चरणबद्ध डिजिटलीकरण भी प्रारंभ कर दिया गया है। पुराने हस्तलिखित एवं मुद्रित अभिलेखों का डेटा एंट्री के माध्यम से कंप्यूटरीकरण कर उन्हें प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया जा रहा है, जिससे संबंधित हितधारक बिना कार्यालय आए आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकें। अब जयपुर विकास प्राधिकरण ने एक कदम और आगे बढ़ाते हुए आगामी समय में जारी किए जाने वाले सभी आरक्षण पत्र ई-प्रणाली के माध्यम से तैयार करने का निर्णय लिया है। जिसके तहत अधिकृत अधिकारी द्वारा ई-साइन किए गए दस्तावेज़ सीधे ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगे। इससे दस्तावेज़ों की प्रामाणिकता सुनिश्चित होगी, रिकॉर्ड प्रबंधन सुव्यवस्थित होगा साथ ही मानवीय त्रुटियों की संभावना न्यूनतम रहेगी।



प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता एवं नागरिक-केंद्रित सेवाओं को मिलेगा बढ़ावा >>>

आपको बता दे, डिजिटल माध्यम से सेवा प्रदायगी को सरल बनाकर प्राधिकरण ने शहर के सुव्यवस्थित विकास एवं जनसुविधाओं के सशक्तीकरण की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित किया है। जयपुर विकास प्राधिकरण की यह पहल प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता एवं नागरिक-केंद्रित सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक सुदृढ़ कदम साबित होगी। इस अवसर पर जेडीए सचिव श्री निशांत जैन, अतिरिक्त आयुक्त श्री भागचंद बधाल सहित सभी ज़ोन के उपायुक्त एवं हितधारक उपस्थित रहे।
अब देखना होगा कि क्या जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा जनहित में  की जा रही ऑनलाइन प्रक्रिया कितनी सफल होती है, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। बहरहाल सुधार के ऐसे प्रयास एक नजर में सही माने जा सकते हैं।

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