मीनेश चन्द्र मीना
हैलो सरकार ब्यूरो प्रमुख
जयपुर। राजस्थान सरकार के पास डमी टीचरों की शिकायतें जोरों पर आ रही है। शिक्षकों की लापरवाही पर रोक लगाने के लिए प्रदेश के सरकारी स्कूलों में प्रॉक्सी (एवजी) शिक्षकों की बढ़ती शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।

शिक्षक के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई >>>
गौरतलब है कि शिक्षा विभाग को प्रॉक्सी (एवजी) शिक्षकों को लेकर बड़ी तादाद में शिकायतें मिलने पर शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों में जांच समितियों के गठन और फ्लाइंग स्क्वॉड सक्रिय करने के निर्देश जारी किए हैं। यदि कोई शिक्षक अपनी जगह किसी अन्य व्यक्ति को पढ़ाने भेजता पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें सेवा से पृथक करना भी शामिल है।

सभी जिलों में जांच समितियों के गठन >>>
शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि जांच और कार्रवाई की पूरी प्रक्रिया संबंधित जिले के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (सीडीईओ) के मार्गदर्शन में संचालित होगी।

अब देखना होगा कि क्या सरकार सख्ती बरतने वाले आदेश को लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ पूरी तरह लागू कर पाएगा या नहीं, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। बहरहाल शिक्षकों के बड़े-बड़े संगठन राजस्थान प्रदेश के कोने-कोने में फैले हुए है। यदि किसी शिक्षक के खिलाफ सरकार कार्रवाई करती हैं तो शिक्षक संगठन सड़क पर आने से कतई नहीं चूकेंगे।