मीनेश चन्द्र मीना
हैलो सरकार ब्यूरो प्रमुख
जयपुर। राज्यव्यापी आह्वान पर जयपुर जिले के गोविन्दगढ़ में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के मंत्रालयिक कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर गुरुवार को सद्बुद्धि यज्ञ किया। यह आयोजन पंचायत समिति परिसर में हुआ, जिसमें कर्मचारियों ने सरकार से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की।
राज्य सरकार पर अनदेखी का आरोप —
पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन, गोविन्दगढ़ के ब्लॉक अध्यक्ष कमल शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार पिछले ढाई वर्षों से उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि अन्य विभागों में कैडर रिव्यू हो चुके हैं, लेकिन पंचायतीराज विभाग में यह अब तक नहीं हुआ है। इसके अतिरिक्त, नियमित कार्य विभाजन की व्यवस्था भी लागू नहीं की गई है।

एक जून से चल रहा आंदोलन —
गौरतलब है कि मंत्रालयिक कर्मचारी 1 जून से आंदोलन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में उत्तराखंड पैटर्न लागू करना, कनिष्ठ लिपिक भर्ती-2013 के कर्मचारियों को नोशनल बेनिफिट देना, अंतरजिला स्थानांतरण नीति लागू करना और अनुकम्पात्मक नियुक्ति प्राप्त कर्मचारियों को टंकण परीक्षा से छूट देना शामिल है। इन मांगों पर सरकार ने मौन व्रत धारण कर लिया।
वीबीजी राम जी योजना के पूर्ण बहिष्कार से खुलेगी सरकार की आंखें —
आपकों बता दें , गुरुवार को सद्बुद्धि यज्ञ के माध्यम से कर्मचारियों ने सरकार से मंत्रालयिक संवर्ग की मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया। इसके बाद विकास अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें वीबीजी राम जी योजना के पूर्ण बहिष्कार के निर्णय से भी अवगत कराया गया। कर्मचारियों ने सरकार का ध्यान खींचने के लिए नया तरीका इजाद किया है।
सुंदर लाल मीणा सहित बड़ी संख्या में रहे मौजूद —
इस अवसर पर नत्थू सिंह, दीपक कुमार शर्मा, गुलाब चंद बुरड़क, कमलेश कुमार टेलर, भागीरथ मल बुनकर, संदीप कुमार शर्मा, सुंदर लाल मीणा, जगवीर सिंह, अंकिता जैन, ज्योति पिंगोलिया, शीतल चौधरी, हेमलता पारीक, सुमन कुमारी यादव, प्रेमलता, सुमन ओला, अनिता वर्मा सहित पंचायत समिति क्षेत्र के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।
देखना होगा कि क्या सरकार कर्मचारियों की मांगों पर विचार करती है या नहीं, यह तो आने वाला वक्त ही बतायेगा। बहरहाल योजना के अटकलें से ग्रामीणों को बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

