भारत में 2 लाख 55 हजार ग्राम पंचायतों में चलेगी “ग्राम संसद”

0
120


रवि प्रकाश जूनवाल
हैलो सरकार ब्यूरो प्रमुख

जयपुर। राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने कहा कि सरपंच गाँव के विकास कार्यकर्ता के साथ भारत  विकास के संवाहक बने। उन्होंने कहा कि राजस्थान धर्म धरा है। यहां गौपालन की परम्परा गांव – गांव है। नंदी संरक्षण के लिए भी अब काम होना चाहिए। उन्होंने गांवों का विकास सुनियोजित योजना बनाकर किए जाने का भी आह्वान किया। उन्होंने सरपंचों को गांवों में विद्यालय और सार्वजनिक स्थलों के भवनों की स्थिति पर निगरानी रखने, गांवों के विद्यालयों के प्रभावी संचालन और बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिये जाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षा बच्चों की बौद्धिक क्षमता निर्माण की नींव है। इस पर सभी स्तरों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए। उन्होंने गांवों में बच्चों का आत्मविश्वास जगाने और उन्हें सिविल सेवाओं और उच्च पदों की परीक्षाओं के लिए आरम्भ से ही मन से तैयार किए जाने के लिए कार्य करने पर जोर दिया।



सरपंच गाँव के सुख – दुख के सहभागी ही नहीं वहां के विकास के सच्चे भागीरथ >>>

राज्यपाल श्री बागडे सोमवार को एक निजी होटल में ग्राम संसद कार्यक्रम में सरपंच संवाद में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरपंच गाँव के सुख – दुख के सहभागी ही नहीं वहां के विकास के सच्चे भागीरथ बने। गाँव विकास के लिए ग्राम पंचायतें इस बात का ख्याल रखें कि जिन्हें आवश्यकता है, जो वंचित और पिछड़े हैं, उन्हें सही मायने में उनका लाभ मिले। उन्होंने सरपंचों को गांवों में जल, विद्युत आदि की सर्वसुलभता सुनिश्चित करने के लिए भी प्रतिबद्ध होकर कार्य किए जाने पर जोर दिया।

राज्यपाल ने कहा कि राजस्थान को इस बात का गौरव है कि देश में यहां सबसे पहले पंचायत राज व्यवस्था नागौर के एक गांव से प्रारंभ हुई। उन्होंने पंचायतराज व्यवस्था को ग्राम लोकतंत्रीकरण के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि राजस्थान में जब भैरोंसिंह शेखावत मुख्यमंत्री थे तो गांवों के विकास की महत्वपूर्ण योजनाओं की पहल की। उन्होंने कहा कि सरपंच गांव विकास की सशक्त कड़ी है। सरपंच गाँवों में मार्ग खुलवाने, सड़क निर्माण, आवास और “हर घर जल” के अंतर्गत निरंतर कार्य करें। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने “हर घर जल” की योजना की ऐतिहासिक पहल इसलिए की है कि गांव के हर घर में पानी पहुंच सके।



राजस्थान में 11 हजार 266 ग्राम पंचायतें >>>

राज्यपाल ने पिपलांत्री पंचायत समिति में बच्चियों के जन्म लेने पर पेड़ लगाने की चर्चा करते हुए कहा कि इस तरह से एक करोड़ पेड़ किसी सरपंच द्वारा लगाना और लगने के बाद उनका संरक्षण प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि आज भारत में 2 लाख 55 हजार ग्राम पंचायतें हैं। राजस्थान में 11 हजार 266 ग्राम पंचायतें हैं। इन सबका विकास यदि हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता बनेगी तभी भारत तेजी से विकास पथ पर आगे बढ़ सकेगा। उन्होंने गांव के लोगों के प्रति श्रद्धा रखकर सरपंचों को काम करने का आह्वान किया। राज्यपाल ने इससे पहले गांवों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विशिष्टजनों को सम्मानित भी किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here