मीनेश चन्द्र मीना
हैलो सरकार ब्यूरो प्रमुख
झालावाड़। केंद्रीय कारागार झालावाड़ से नरेंद्र मीणा 42 दिन बाद हाई कोर्ट के आदेश से जमानत पर रिहा हो गए। जेल से बाहर निकलते ही नरेश मीणा ने अपने दुश्मनों पर हमला बोल दिया। नरेश मीणा ने बताया कि मैं बच्चों को न्याय दिलाने के लिए धरने पर बैठा था। मुझे कई धाराओं में फंसा कर सवा महीने जेल में रखा, मुझे जिस-जिस नेता ने जेल में भेजा और जिस दिन उनका पता लग गया तो उससे समय आने पर गिन-गिन कर हिसाब लूंगा। वो दिन जरूर आएगा, जिस दिन हिसाब बराबर करूंगा। यह मेरा खुला चैलेंज है।

25 जुलाई को गिरफ्तार हुए थे नरेश मीणा >>>
गौर तलब है कि नरेश मीणा ने झालावाड़ में हुए स्कूल हादसे के विरोध में मृतक आश्रितों और घायलों को आर्थिक मदद देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था, परंतु कुछ नेताओं के इशारों पर पुलिस ने 25 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था।
नरेश मीणा को शनिवार शाम 5.50 बजे कर दिया रिहा >>>
नरेश मीणा को दो दिन पहले हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। जमानत की आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद झालावाड़ जेल प्रशासन ने नरेश मीणा को शनिवार शाम 5.50 बजे रिहा कर दिया। जेल के बाहर खड़े समर्थकों ने नरेश मीणा के पक्ष में नारेबाजी की। बाद में वे समर्थकों के साथ बारां के लिए रवाना हो गए।

नरेश मीणा जन क्रांति यात्रा छोड़कर गए थे प्रदर्शन करने >>>
आपको बता दे, देवली-उनियारा विधानसभा उप चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी रहे नरेश मीणा ने उप जिला मजिस्ट्रेट अमित कुमार चौधरी के थप्पड़ मार दिया था। नरेश मीणा को 14 नवंबर 2024 को समरावता गांव से गिरफ्तार किया था। उसके बाद करीब आठ महीने बाद 14 जुलाई में हाईकोर्ट से जमानत मिलने पर टोंक जेल से रिहा हुए थे।
सरकारी स्कूल की बिल्डिंग का हिस्सा गिरने से 7 बच्चों की मौत के कारण किया था प्रदर्शन >>>
14 जुलाई में हाईकोर्ट से जमानत मिलने पर टोंक जेल से रिहा होते ही हाड़ौती में जन क्रांति यात्रा निकाल रहे थे। इस बीच झालावाड़ जिले में 25 जुलाई को पिपलोदी सरकारी स्कूल की बिल्डिंग का हिस्सा गिरने से 7 बच्चों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद नरेश मीणा SRG हॉस्पिटल के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। उस दौरान पुलिस ने नरेश मीणा और दो उसके समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया था।
