मीनेश चन्द्र मीना
हैलो सरकार ब्यूरो प्रमुख
जयपुर। नशे के कारण पैदा हो रही सामाजिक बुराई से निपटने के लिए पुलिस के बड़े अधिकारी राहुल प्रकाश ने एक दमदार आदेश जारी कर नशाखोरी पर नकेल कसने का प्रयास किया किया है। हालांकि यह बात अलग है कि क्रियान्वयन की कसौटी पर आदेश कितना खरा उतरता है यह तो आने वाला वक्त ही बतायेगा।

नशाखोरी के खिलाफ जयपुर पुलिस ने चलाया ‘ऑपरेशन एंटी वेनम’
गौरतलब है कि राजस्थान के युवाओं की रगों में घुलते नशे के जहर को खत्म करने के लिए जयपुर रेंज पुलिस ने ‘ऑपरेशन एंटी वेनम’ का जुगाड बनाकर निर्णायक जंग छेड़ दी है। रेंज आईजी राहुल प्रकाश ने साफ कर दिया है कि अब न केवल तस्कर, बल्कि वे शिक्षण संस्थान और हॉस्टल प्रबंधन भी पुलिस के रडार पर होंगे, जिनके कैंपस में ड्रग्स की सप्लाई पाई गई तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उनके अनुसार जयपुर रेंज में ‘ऑपरेशन एंटी वेनम’ के तहत 15 दिन में 229 ड्रग्स तस्करों पर बड़ी कार्रवाई हुई है। आईजी राहुल प्रकाश ने सख्त निर्देश दिए हैं कि यदि हॉस्टल या शिक्षण संस्थानों में ड्रग्स मिली, तो प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा। नशा बिकने पर संबंधित SHO पर भी गाज गिरेगी।
मैनेजमेंट और SHO की तय होगी जवाबदेही
आपको बता दें, आईजी राहुल प्रकाश ने सख्त हिदायत दी है कि सीकर जैसे एजुकेशन हब और अन्य जिलों के हॉस्टल या कैंपस को ड्रग्स फ्री रखने की जिम्मेदारी सीधे तौर पर वहां के प्रबंधन की होगी। यदि किसी कैंपस में नशा बिकता मिला, तो प्रबंधन के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यही नहीं, पुलिस महकमे के भीतर भी जवाबदेही तय कर दी गई है। जिस थाना इलाके में ड्रग्स की बिक्री पाई जाएगी, वहां के SHO के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी। वहीं, जो अधिकारी अपने इलाके को पूरी तरह ‘ड्रग्स फ्री’ रखेंगे, उन्हें राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।

15 दिन में 229 कार्रवाई में सीकर और जयपुर ग्रामीण अव्वल
आईजी राहुल प्रकाश ने बताया कि 15 से 31 मार्च तक चले इस अभियान के पहले फेज में पुलिस ने ताबड़तोड़ 229 कार्रवाइयां की हैं। आंकड़ों के लिहाज से सबसे ज्यादा सीकर और जयपुर ग्रामीण क्षेत्रों में 49-49 कार्रवाइयां की गई जबकि दौसा में 35, अलवर में 26, कोटपुतली-बहरोड़ और दूदू में 24-24 कार्रवाइयां की गई। ठीक इसी तरह खैरथल-तिजारा में 22 कार्रवाइयां की गई। इन सभी कार्रवाइयों में पुलिस ने करीब 2 करोड़ रुपये कीमत की एमडी, स्मैक, गांजा, डोडा-पोस्त, अफीम और प्रतिबंधित नशीली दवाइयां जब्त की हैं।
तस्करों की संपत्ति होगी जब्त, बनेगा ‘मॉडल रेंज’
पुलिस अब तस्करों की कमर तोड़ने के लिए उनकी अवैध संपत्तियों की सूची तैयार कर रही है, जिन्हें जल्द ही कुर्क किया जाएगा। आईजी ने बताया कि पकड़े गए तस्करों से उच्च स्तरीय टीमें पूछताछ कर रही हैं ताकि बड़े सप्लायरों तक पहुंचा जा सके। जो तस्कर हाथ नहीं आएंगे, उन पर इनाम घोषित होगा। नशे के आदी हो चुके युवाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए जन सहयोग से नशा मुक्ति केंद्र स्थापित किए जाएंगे। रेंज आईजी का लक्ष्य जयपुर रेंज को प्रदेश की ‘मॉडल रेंज’ बनाना है, जहां ड्रग्स के लिए कोई जगह न हो।
अब देखना होगा कि क्या सरकार सख्ती बरतने का आदेश कितना कारगर साबित होता है यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा बहरहाल बढ़ते नशे की प्रवृत्ति