बर्बाद हो गए राजस्थान के किसान, धणी धोरी कोई नहीं

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मीनेष चन्द्र मीना
हैलो सरकार ब्यूरो प्रमुख

जयपुर। बेमौसम बरसात से राजस्थान में सोमवार को कोटा-टोंक-बूंदी में तेज बारिश के साथ ओले गिरे। कोटा में पेड़ भी गिर गए। अजमेर, श्रीगंगानगर, बीकानेर, हनुमानगढ़, चूरू और नागौर में बारिश हुई। जैसलमेर में दोपहर में आंधी चली। जयपुर-जोधपुर सहित कई जिलों में बादल छाए। राजस्थान में एक्टिव हुए वेस्टर्न डिस्टर्बेस के असर से 31 मार्च तक मौसम ऐसा ही रहेगा। 1 अप्रैल को सिस्टम का असर खत्म होने पर प्रदेश में मौसम ड्राय रहेगा। बीकानेर संभाग में दिन में धूप रही। जालोर, सिरोही और पाली में हल्के बादल छाए। जयपुर, भरतपुर, कोटा और अजमेर संभाग में आसमान बिल्कुल साफ रहा और धूप रही।



बूंदी में ओले गिरे,

गेहूं-चना की फसल को नुकसान बूंदी के नैनवां में सोमवार को बरसात और ओले गिरने से किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। बारिश ओलावृष्टि से गेहूं-चना की फसल को नुकसान हुआ।



टोंक में ओले गिरे

टोंक के नगरफोर्ट तहसील मुख्यालय पर करीब दस मिनट तक ओले गिरे। ओलावृष्टि नगरफोर्ट, सतवाड़ा, बालूंदा, बालापुरा सहित एक दर्जन गांवों में शाम करीब सवा 5 बजे हुई।

आंधी में उड़ी सोलर प्लेट मंदिर पर गिरी

कोटा के रामपुरा बाजार क्षेत्र में आंधी से हरि कृष्णा होटल की सोलर प्लेट उड़कर श्री बृज गोपाल जी मंदिर की छत पर जा गिरी। इससे मंदिर पर रखी पानी की टंकियां और अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि पास में संचालित श्री अग्रसेन विद्या निकेतन स्कूल की छुट्टी हो चुकी थी, जिससे बच्चे सुरक्षित रहे।



चूरू के सरदारशहर में हुई बूंदाबांदी

चूरू के सरदारशहर में सुबह से ही मौसम का मिजाज बदल गया। क्षेत्र में काले बादल छाने से तापमान में गिरावट आई। क्षेत्र में सुबह 11 बजे से बूंदाबांदी का दौर शुरू हुआ, जो रुक-रुककर 2 बजे तक चला।



कोटा में पेड़ गिरा

कोटा शहर के अलग-अलग इलाकों में पिछले 1 घंटे से लगातार तेज बारिश जारी है। कई जगहों पर बारिश के साथ ओले भी गिरे हैं। नयापुरा इलाके के ग्रामीण पुलिस लाइन ऑफिस में तेज बारिश और आंधी के साथ पीपल के पेड़ का एक हिस्सा नीचे गिर गया। हालांकि इस दौरान किसी तरह का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।

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